Monday, November 5, 2012

मीठा मुंह

परीक्षा में पास हो गए? मुंह मीठा कराओ। अरे, इनाम मिला है, मुंह तो मीठा करवाना ही पड़ेगा। जन्मदिन है, मिठाई खाकर ही बधाई देंगे। क्या, खेल में जीत गए? मुंह मीठा ...इसका कोई अंत नहीं है।
यह तकिया कलाम अब ख़ुशी का पर्याय ही बन चला है। कहीं भी किसी की भी ख़ुशी देखेंगे तो सब इसमें आपका साथ देंगे। केवल एक को छोड़ कर।
लेकिन वो एक भी कोई ऐसा-वैसा नहीं है, जिसे आप अनसुना करदें। वो है आपका डॉक्टर!
आज आपको मिठाई खाते देख कर कोई भी यह नहीं कहेगा, कि  आपको अपनी सेहत का ख्याल है। इसके कई कारण हैं-
1.आज की जिंदगी तनाव भरी है, तनाव और 'मीठा' एक साथ  मिलते ही आपके लिए मुसीबत बन जायेंगे।
2.आप जहाँ 40 के हुए 'डायबिटीज़' की लहरें आपके बदन-तट से टकराने लगेंगी।
3.आज पग-पग पर कभी ख़ुशी कभी गम इतनी मात्रा  में आते हैं कि  हर काम को मीठे मुंह से करने-कराने वालों के दांत खट्टे होने में भी देर नहीं लगती।
4.हर खाद्य पदार्थ में मिलावट का आलम यह है कि मीठे के रूप में हम क्या-क्या खा रहे हैं, यह हम सोच भी नहीं सकते।
5.आप जानते हैं कि  मोती सीप में बनते हैं, तो आप दांतों की जगह पर मोती चाहेंगे या सीप?
6.मंहगाई हमें फीका-सादा ही खाने दे यही बहुत है, मीठा,यदि वह शुद्ध और असली है, तो केवल रईसों का काम है।

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