Wednesday, March 14, 2012

सूखी धूप में भीगा रजतपट [ भाग 6 ]

.... लड़की के चिल्लाने से बच्चों के माता-पिता एकदम घबरा गए, और सर पकड़ कर पास के सोफे पर निढाल होकर गिर पड़े. दोनों छोटे बच्चे भी सहम कर पीछे हटे. अब माता-पिता को यह आशंका होने लगी कि पिछली रात से ही उनके बच्चों पर कोई न कोई मुसीबत आई हुई है. वे किंकर्तव्य-विमूढ़ हो गए. बच्चों की माँ की आँखों से आंसू भी आने लगे.बच्चे दौड़ कर पिता से लिपट गए.
     तभी बिजली की सी गति से काउंटर के उस ओर से लगभग दौड़ कर एक बूढ़ी महिला आई, और जल्दी-जल्दी बच्चों के पिता को बताने लगी कि उन लोगों को गलत-फ़हमी हुई है. उसने बताया कि उनकी कम्पनी में यहाँ दो जुड़वां बहनें काम करती हैं. एक बहन उन्हें नाव में लेकर गई थी, जिसे बच्चे जान गए.लेकिन यह वह नहीं है,बल्कि उसी सूरत की उसकी दूसरी बहन है. बच्चे इसे पहचान कर मिले, पर इसने उन्हें नहीं पहचाना, इसीलिए घबरा गई.
     इस स्पष्टीकरण के बाद बच्चों के माता-पिता को काफी राहत मिली. उन्होंने प्यार से बच्चों के सर पर हाथ फेरा और आइस-क्रीम पार्लर की ओर बढ़ गए.
     लेकिन तभी उस लड़की ने बूढ़ी महिला के कान में जल्दी-जल्दी कुछ कहा, जिसे सुन कर बूढ़ी महिला गश खाकर गिरने लगी. एक बार फिर से हड़कंप सा मच गया, लड़की ने महिला को संभाल कर सोफे पर लिटाया. कुछ और कर्मचारी भी महिला की ओर दौड़े. बच्चों के पिता ने आइस-क्रीम पार्लर से यह द्रश्य देखा तो वे भी दौड़े. बच्चे अपनी माता के साथ चिपके वहीँ आइस-क्रीम खाते रहे. महिला को होश में लाने की कोशिश की जाती रही.
     आधे घंटे के बाद समीप के एक रेस्तरां में बच्चे, उनकी माँ और बूढ़ी महिला बैठे कुछ खा रहे थे और बाहर लॉन में बच्चों के पिता और वह लड़की कोई गंभीर  वार्तालाप करने में मशगूल थे.
     लड़की ने उन्हें बताया कि वह और उसकी बहन यहाँ नौकरी करती हैं और बफलो शहर में रहती हैं. लड़की ने बच्चों के पिता को जो जानकारी दी, उस से उनके पाँव तले ज़मीन खिसक गई. लड़की कह रही थी कि वह बच्चों से अनजान होने के कारण उनके निकट आने पर नहीं चीखी थी, बल्कि उन बच्चों के सर पर मुसीबत को खेलते देख कर चीखी थी. उसने बताया कि वह बच्चों को देखते ही पहचान गई कि उनपर किसी "आत्मा" का प्रभाव पड़ा हुआ है, और बच्चे पूरी तरह उस शक्ति की गिरफ्त में हैं.
     लड़की के नाना बफलो में ऐसी ही दैवी शक्तियों के अस्तित्व पर शोध कर रहे थे, और उनकी लम्बे समय तक सहायिका रहने के कारण वह भी इस बारे में थोड़ी-बहुत जानकारी रखती थी.लड़की की बातों पर बच्चों के पिता को पूरा विश्वास हो चला था. लड़की ने उन्हें सुझाव दिया कि वे लोग उन बहनों के साथ बफलो चलें, और उनके नाना से अवश्य मिलें. दोनों बहनें अगले दिन सप्ताहांत होने के कारण घर जाने वाली थीं.
     अगली सुबह एक कार से वे सभी बफलो की ओर जाने वाली सड़क पर निकल पड़े. [जारी...]      

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