Sunday, March 25, 2012

सूखी धूप में भीगा रजतपट [ भाग 17 ]

     अखबारों में किन्ज़ान के प्रयासों  का ज़िक्र होने में उस कीमियागर का हाथ भी रहा, जिसने उसकी नौका में प्लास्टिक पर लेप लगाया था.उसने शाम को अपनी कम्पनी के बैनर के साथ 'टाइम स्क्वायर'पर किन्ज़ान के लिए अभूतपूर्व मजमा जुटाया. नायग्रा की विशाल तस्वीर के साथ किन्ज़ान की खिलखिलाती तस्वीर के सामने स्वयं किन्ज़ान का खड़ा होना आकर्षण बन गया. छोटे स्कूली बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्गों तक ने न केवल किन्ज़ान से हाथ मिलाया, बल्कि उसके साथ तस्वीर खिंचवाने वालों की कतार लग गई. दुनिया के कौने-कौने से आने वालों ने अपने देश, अपने नगर , अपने समुदाय, अपने परिवार और खुद अपनी तरफ से उसके अभियान के लिए दुआएं दीं.
     वहां लगाये गए सफ़ेद बोर्ड पर हस्ताक्षर करने वालों की कोई सीमा न रही- स्टेफेन वन,अमोस एअतों, एबेनेज़ेर एम्मोंस, असा फित्च, दौग्लास हौघ्तों,जमेस हॉल, ठोदोरे जुदः, एडविन ब्र्यंत एबं होर्स्फोर्ड, बेंजामिन ग्रीन, विल्लिं कोग्स्वेल्ल, फ्रेदेरिच्क ग्रिन्नेल, हिरम मिल्स, एमिली रोएब्लिंग, वाशिन्ग्तों रोएब्लिंग, अलेक्सान्दर कास्सत्त, जॉन फ्लैक विनस्लो, विल्लिं विले, लेफ्फेर्ट बुक्क, मोर्देकाई एन्दिकोत्त, हेनरी रोव्लंद, विल्लिं पित्त मासों, पल्मेर रिच्केट्स, जॉन अलेक्सान्दर, फ्रांक ओस्बोर्न, गार्नेट बल्तिमोरे, गेओर्ग फेर्रिस, जों लोच्खार्ट, गेओर्गे होर्तों, वाल्टर इरविंग, संफोर्ड क्लुएत्त, मार्गरेट सगे, एमिल प्रेगेर, रोबेर्ट हंट, एरिक जोंस्सों, मिल्टन ब्रुमेर, चले पत्रिच्क बेडफोर्ड, अल्लें दू मोंट, लिंकों हव्किंस, चौनसे स्टारर, राल्फ पेचक, कित मिल्लिस, रोबेर्ट विद्मेर, होवार्ड इसेर्मन्न, लोइस ग्राहम, जोसेफ गेर्बेर, रोबेर्ट लोएव्य, अलन वूरहीस, गेओर्गे लो, शेल्दों रोबर्ट्स, ननकी देलोये फित्जरॉय, मत्ठेव हंटर, च्रिस्तोफेर जफ्फे, हेर्मों हॉउस, दोन अन्देरसों, मर्चियन होफ्फ़, राय्मोंद तोम्लिंसों, म्य्लेस ब्रांड, इवर गिएवर, जों स्विगेर्ट, रोबेर्ट रेस्निच्क, रोलैंड स्च्मित्त, मार्क एमेर अन्देरसों, अदम पत्रिच्क बीके, मौरिसियो सस्पेदेस मोया, निचोलास गेर्मान कूपर, रोहन दयाल, जों थोमस दुरस्त, ज्होऊ फंग, स्कॉट गोर्डन घिओसल, वैभवराज , मयंक गुप्ता, रमण चक्रधर झंध्याला, ज्होंग्दा ली, श्रुती मुरलीधरन, हर्ष नाइक, करणार तसिमी, स्टेफनी तोमसुलो, जेंनिफेर मारी तुर्नेर, ज्हेंग क्सु, शुन यो, दिन्ग्यौ जहाँग, जोशुआ,ब्र्याँ, कयले, मिके, स्टेफेन, एरिक, रिचर्ड, एरिन, जेंनिफेर, मिचेल्ले, दानिएल, त्रविस, अदम, जोनाथों, ब्रित्तान्य, जॉन,थोमस, जोसेफ, नोर्मन, श्याना, जोसेफ, मत्ठेव, कैत्लिन, रिचर्ड, कार्ल, जाकोब, रोबेर्ट, मत्ठेव, थोमस, बेंजामिन, पत्रिच्क, तोड्द, अन्थोनी, टिमोथी, रंजित, अक्षय,अनुज, अंकेश, गौरव...यह सूची ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी.
     एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के सामने जब किन्ज़ान पहुंचा, तो एक सपना और उसके दिल में पलने लगा. लेकिन जिस तरह एक म्यान में एक तलवार ही रह सकती है, किन्ज़ान भी अपने उसी लक्ष्य से बंध. गया  जिसके लिए शायद वह पैदा हुआ था....[जारी...]      

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