Wednesday, October 10, 2012

एक बदनसीब हूँ मैं, मुझे नहीं देखा एक बार!

   इंग्लैण्ड की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिक मंदा बैनर्जी ने बरसों तक मेहनत की, और अरबों-खरबों प्रकाश वर्ष दूर के "शैतान" ब्लैक होल्स को ढूंढ निकाला। कहते हैं कि  जब कोई विशाल-काय तारा मर जाता है, तो धीरे-धीरे उसका शव उसी के बदन में इकट्ठा हो जाता है, और कालांतर में वह शैतान बन जाता है। । गर्व की बात है कि  मंदा जी भारतीय हैं। उन्हें इस विश्व-व्यापी उल्लेखनीय खोज के लिए जितनी बधाई दी जाए, कम है।
   बॉलीवुड के एक नायक की एक शिकायत फिजाओं में दर्ज है कि  नायिका ने फूल, दर्पण आदि जैसी छोटी मोटी चीज़ों को तो देखा, किन्तु नायक को नहीं देखा। जब भी किसी भारतीय की विदेश में बड़ी उपलब्धि होती है, तो मुझे हमेशा वही नायक याद आ जाता है। ऐसा महसूस होता है कि  इन्होने ऐसी उपलब्धि यहीं, अपने देश में क्यों नहीं पाई? उन्हें 'शैतान' ही खोजने थे तो ...यहाँ न मिलते?

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