Saturday, September 24, 2011

वेरी पुअर परफोर्मेंस सर !

विश्व का जनसँख्या में दूसरा सबसे बड़ा देश.ऐसे देश के जनसँख्या में सबसे बड़े राज्य के नेता.देश भी लोकतंत्र.जहाँ जिसके पीछे जितने ज्यादा लोग,वह उतना ही बड़ा नेता. सबसे बड़े राज्य के नेता बनने के बाद पूरे देश के प्रधानमंत्री बनने को आतुर नेता.न बन पाने के बावजूद कई राज्यों के राज्यपाल. पिच्चासी में से सत्तर बरस राजनीति में निकालने वाले नेता.राजनीति में भी ज़्यादातर समय सत्ता-पक्ष में बैटिंग करने वाले नेता. 
जो बात आम-आदमी के केस में नर्स या दाइयां कह देती हैं, वह बात कहने के लिए देश के न्यायालय को मजबूर कर देने वाले नेता.जिस देश में हर जन्मदिन या पुण्यतिथि के अवसर पर जनता को उकसा कर रक्तदान करवाया जाता है,उस देश में कोर्ट के आदेश के बावजूद जांच तक के लिए नमूने का एक बूँद रक्त न देने वाले नेता.
और एकसौ बीस करोड़ लोगों के देश में से केवल एक ,अकेला रोहित ही आपका बेटा निकला?
वेरी पुअर परफोर्मेंस सर!

3 comments:

  1. इस एक उदाहरण के बहाने आपने राष्ट्र में व्याप्त कई बुराइयों को एक साथ उघाड़ दिया। कम शब्दों में बहुत कुछ कह देना भी एक कला है, आभार!

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  2. dhanywad,buraaiyon ko ughaadne me bhi ek risk hai.yadi inke sudharne ke liye kuchh nahin kiya ja sakaa to kuchh samay baad log yah aarop lagaane lagte hain ki desh ki chhavi kharaab kee ja rahi hai. sahi pariprekshy me lene wale aap jaise log, bahut saare ho jayen.ye shubhkaamna aapke liye bhi aur khud apne liye bhi.

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  3. आपकी बात सही है - कुछ करना है, निस्वार्थ करना है, मिलकर करना है!

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