Thursday, February 7, 2013

घर वाले अच्छे भी तो हो सकते हैं

एक ज़माना था, जब सचमुच घर वाले अच्छे नहीं होते थे। वे जब अपने बेटे या बेटी का रिश्ता तय करते तो दहेज  मांग लिया करते थे। बेटी के युवा होने से पहले ही उसके हाथ पीले करने की सोचने लगते थे। बेटे का रिश्ता तय करते समय लड़की में मीन-मेख निकालने लगते थे। लड़के लड़की को आपस में बात तक नहीं करने देते थे। और उधर बहू घर में आई नहीं कि सास उससे मोर्चाबंदी में जुट जाती थी।
आखिर इस समस्या का हल लड़का-लड़की ने ही निकाला। वे आपस में एक-दूसरे को देख कर पसंद करने लगे, और इस तरह प्रेमविवाह की शुरुआत हुई। घरवालों का काम केवल मन मसोस कर आशीर्वाद देना ही रह गया।
लेकिन घर वाले हमेशा ऐसे ही नहीं होते।
विश्वसुन्दरी और सुपरस्टार प्रियंका चोपड़ा के घर वालों ने जब देखा कि  बिटिया फिल्मों में इतनी व्यस्त हो गई, कि  उसे प्रेम करने तक का टाइम नहीं मिल रहा, तो उन्होंने उसकी मदद करने का मन बनाया और उसके लिए लड़का ढूंढ दिया। लड़का भी ऐसा, कि  जो भी देखे, "मोहित" हो जाये।
जब लड़की विश्वसुन्दरी हो, तो लड़का भी कम से कम जगत-पिता की भूमिका कर सकने वाला तो हो। सो ऐसा ही हो गया।
जानते हैं, ऐसा सुन्दर-सुशील लड़का किसने ढूंढा? प्रियंका की मौसी ने!
आखिर सगी मौसी हैं, कोई सौतेली माँ ... 

2 comments:

  1. बढ़िया है सर जी ||

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  2. Aapka aabhaar.Apki rachnayen abhi-abhi padh kar chuka hoon. Sateek aur Prabhavshali.

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