Sunday, July 3, 2011

माना कि सारी दुनिया ईश्वर ने ही बनाई है,पर मुझे ना-पसंद हैं ये

मैं आपको आज कुछ ऐसी चीज़ों के बारे में बता रहा हूँ, जो मुझे बिलकुल भी पसंद नहीं हैं. अगर आपको पसंद हों तो मुझे माफ़ कर दें. 
१. भिन्डी, अरबी, कटहल  या ऐसी ही कुछ और सब्जियों से निकला चिपचिपा गाढा द्रव पदार्थ. 
२. धागा,इलास्टिक,रबर-बैंड आदि ऐसी चीज़ें जो कच्चे बंधन का प्रतीक हैं. 
३. महिलाओं से छेड़-छाड़ या उन पर अभद्र टिप्पणियां 
४. बच्चों में वयस्कों या प्रौढ़ों जैसी वार्तालाप- शैली 
५. चिकित्सालयों का कचरा 
६. भ्रष्ट-व्यवहार 
७. अनुपयुक्त यानी 'अनसूटेबल' जूते 
८. ठूंस-ठूंस कर खाने और खिलाने वाले 
९. अति-अनुभवी लोगों की बदन-भाषा [बॉडी लैंग्वेज़] 
१०. समय-बद्धता का अभाव   

5 comments:

  1. aapki napasand cheejen padhi kafi kuch meri napasandgi se milti julti hain.ek dhaage aur rabar bend ke alava.

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  2. बहुत बढ़िया...

    ये चीजें तो मुझे भी पसंद नहीं है भाई !

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  3. rajeshji ne theek kaha hai ki meri aur unki pasand milti-julti hai, dhage aur rabar-band bhi vo napasand hain jo 'ritayard' hon, arthat bekar, uljhe aur rang-ude. surendra ji ham bhi bhai nikle.

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  4. लोकी टिंडा घिया ..मुझे पसंद नही ...भिन्डी, अरबी मुझे अछि लगती है ..आपकी पोस्ट पसंद आई

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  5. duniya me sabke liye jagah hai, lauki, tinda, ghiya ham kha lete hain, bhindi, arbi aap khatam kar leejiye,please. jhutha kuchh nahin chhodenge. meri post ki tareef ke liye bahut-bahut dhanywad.

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