Wednesday, June 20, 2012

सोमालिया,कांगो,सूडान,चाड और ज़िम्बाब्वे केवल अफ्रीका के दाग नहीं हैं

देश केवल नक़्शे नहीं होते। नक़्शे के भीतर बसे नागरिक और उनकी जिंदगी मिलकर ही देश बनाती है। एक देश दूसरे देश की सरहद के भीतर भी झांकता है, संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएं पूरे ग्लोब पर नज़र रखती हैं। ऐसे में एक ही महाद्वीप के पांच देश यदि संसार के सबसे पिछड़े मुल्क साबित होते हैं, तो इसे केवल उसी महाद्वीप के लिए चुनौती नहीं माना जा सकता। इसकी कालिख बहुत से चेहरों पे पुतती है।
जिस तरह एक आदमी भूख से मरता है तो उसका पूरा गाँव, शहर या देश शर्मसार माना जाना चाहिए। मनुष्यता शर्मसार मानी जानी चाहिए, सभ्यता शर्मसार मानी जानी चाहिए, विकास शर्मसार माना जाना चाहिए।
     पकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पद से हटा दिया। कहा गया है कि  कोर्ट ने यह फैसला इसलिए किया कि  प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही नहीं की थी।
     ओह, अच्छा, कार्यवाही करनी होती है???

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