Friday, July 4, 2014

रत्न कुमार सांभरिया, राम कुमार घोटड़, पारस दासोत, गोविन्द शर्मा, मुरलीधर वैष्णव, महेंद्र सिंह महलान की लघुकथायें पढ़ी हैँ आपने ? कैसी हैं ?

यदि आप हिंदी के अखबार, पत्रिकाएं और वेबसाइट्स देखते हैं तो इन लोगों की लघुकथाएँ आपने ज़रूर पढ़ी होंगी। यदि पढ़ी हैं तो आपको कैसी लगीं? यदि अच्छी लगीं, तो रचना के नाम के साथ खुल कर बताइये।यदि नहीं लगीं, तो भी कम से कम मुझे तो बता ही दीजिए -चुपचाप!  

No comments:

Post a Comment

प्राथमिक उपचार है तुष्टिकरण

यदि दो बच्चे आपस में झगड़ रहे हों और उनमें से एक अपने को कमज़ोर पा कर रो पड़े तो हम उनमें फिर से बराबरी की भावना जगाने के लिए एक का तात्कालिक ...

Lokpriy ...