Tuesday, July 15, 2014

अलग होने के बाद घृणा करना ज़रूरी?

दोस्ती का पर्यायवाची शब्द है दुश्मनी !
यदि दोस्ती ख़त्म होती है तो दुश्मनी शुरू होती है।
लेकिन दोस्ती जिस क्षण ख़त्म हो, ठीक उसी समय से दुश्मनी शुरू नहीं होती।
थोड़ा सा वक़्त इस असमंजस में जाता है कि ये क्या हुआ?
ये बात उन दोस्तों पर लागू होती है जो पहले कभी अलग-अलग हों।
भारत पाकिस्तान पर यह लागू नहीं होती क्योंकि वे दोस्त दुश्मन नहीं, भाई दुश्मन हैं।
इनमें मानस का बँटवारा १९४७ में हुआ। बंटवारा भी इस तरह हुआ,कि एक का असबाब दूसरे के घर छूट गया, या दूसरे की स्मृतियाँ पहले के साथ चली आईं। नतीजा ये हुआ कि बंटवारा भी सलीके से नहीं हो सका।
टूटते-बिखरते घर का कोई हिस्सा कभी-कभी ऐसा भी निकल आता है जिससे दोनों हिस्से अपना जुड़ाव मानें। लेकिन इस हिस्से को "तीसरा हिस्सा" मानना किसी बात का कोई हल नहीं हो सकता।        

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