Thursday, July 17, 2014

स्वीकृत पदों को ख़ाली रखना अपराध

किसी भी सरकार में किसी पद को खाली रखना केवल अनदेखी, लापरवाही,धीमी कार्यगति, या यथास्थितिवाद को कायम रखने की ही बात नहीं है, बल्कि यह घोर आपराधिक मानसिकता है।
ऐसा इन कारणों से होता है-
१. पद बिना सोचे-समझे स्वीकृत कर लिए गए हों।
२. जिन्होंने स्वीकृत किये, वो अब सत्ता में न हों, और नई सत्ता को उनके फैसले उलटने हों।
३. किसी खास व्यक्ति के लिए उस पद पर आने तक इंतज़ार करना हो।
४. किसी काम को करना न हो, लेकिन होते हुए दिखाने की विवशता हो।
यदि वास्तव में स्वीकृत पद पर कोई सुपात्र न मिल पा रहा हो, तो या तो पद की पात्रता का पुनर्मूल्यांकन तुरंत किया जाना चाहिए, अथवा पद तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
यदि एक राज्यपाल कुछ महीनों के लिए दूर दराज़ के तीन राज्य संभाल सकता हो, तो दो ही बातें हो सकती हैं-
यह दिखावटी पद हो, और इस पर करने के लिए कुछ न हो।
या इस पद से शासित होने वालों को कोई दंड देने की मंशा हो।     

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