Saturday, June 14, 2014

भारत गोल क्यों नहीं?

ये सवाल आपको भी मथ रहा होगा कि जब दुनिया के तमाम देश फुटबॉल को लेकर दुनिया को गुँजाये हुए हैं तो हम चुप क्यों हैं? क्या हमारे जाँबाज़ नौजवानों में ग्यारह भी ऐसे नहीं हैं जो खेल के मैदान पर सूरज सी बॉल को नचा सकें?
आपको पता है, कुछ लोग इसके लिए भी प्रधान मंत्री को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।  उनका कहना है कि  मोदीजी ने "पैर" छूने को मना किया था, फिर हमारे खिलाड़ी बॉल को पाँव कैसे छुआते?  

2 comments:

प्राथमिक उपचार है तुष्टिकरण

यदि दो बच्चे आपस में झगड़ रहे हों और उनमें से एक अपने को कमज़ोर पा कर रो पड़े तो हम उनमें फिर से बराबरी की भावना जगाने के लिए एक का तात्कालिक ...

Lokpriy ...