Tuesday, November 15, 2011

इस गिनती में आगे निकलने का सपना देखे हर भारतवासी

क्या आप किसी ऐसे देश की कल्पना कर सकते हैं, जहाँ हर सौ में से ८८ लोग उच्च शिक्षित हों, अर्थात कॉलेज की पढ़ाई कर चुके हों?सोचिये कैसा 'साहबों' का देश होगा वो? लगभग हर आदमी समझदार, खासा पढ़ा-लिखा. बुद्धि से भरपूर, अपने जीवन के सही फैसले लेने वाला.
"कनाडा" ऐसा ही देश है. लगभग यही ऊँचाई अमेरिका के पास भी है. यहाँ सौ में से ८१ लोग ऐसा नसीब रखते हैं कि उन्हें कॉलेज की तालीम मिली है. आस्ट्रेलिया में यह आंकड़ा ७९ है. फ़्रांस में ५२ और इंग्लैण्ड में ५०.
अब बात करें भारत की.
१०० में से १२ लोग ऊंची पढ़ाई का यह फल चख चुके हैं, और विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार ने यह आंकड़ा बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया है. आज से २० साल पहले यह आंकड़ा केवल ४ था. कहा यह जा रहा है कि अब सरकार ने उच्च-शिक्षा पर जो खर्चा कर दिया, उसके अनुपात में ही यह संख्या १२ बताई जा रही है, पर वास्तव में यह उपलब्धि भ्रष्टाचार के दलदल में फंस कर आधी रह गई है.
इसमें से भी यदि लड़कियों की शिक्षा की बात की जाएगी, तो शायद वह आरोप लग जायेगा, जो 'स्लमडॉग मिलेनियर', 'मदर इंडिया' या सत्यजित राय पर लगा था- "देश की छवि खराब की जा रही है."
लेकिन इस मुद्दे पर चुप होते-होते भी मन में यह ख्याल तो है कि इस गिनती में आगे निकलने का सपना देखे हर भारतवासी.    

2 comments:

  1. @ इस गिनती में आगे निकलने का सपना देखे हर भारतवासी.
    सदिच्छा से सहमत हूँ, सदिच्छा में शामिल हूँ!

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  2. ichchha sadichchha ho to asha aur aakanksha banne me use der nahin lagti. dhanywad.

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