Wednesday, March 30, 2011

सरप्लस की अवधारणा अमेरिका में बेहतर है

एक विद्यालय में बच्चों को सिखाया गया कि यदि किसी के पास कोई वस्तु ज़रूरत से अधिक हो तो वह उसे अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए दे देनी चाहिए।इस शिक्षा से प्रभावित होकर एक लड़का घूमते हुए एक झोंपड़ी में जा पहुंचा, जहाँ एक वृद्धा बैठ कर खाना खा रही थी। लड़के ने कहा- माँ, यदि तुम्हारे पास कोई चीज़ ज़रूरत से ज्यादा हो तो वह मुझे देदो, ताकि मैं उसे किसी ज़रूरत मंद को देदूं। महिला ने एक रोटी उसे देते हुए कहा- बेटा यह बच गयी है, मेरे काम नहीं आयेगी, लेजा। लड़का इस से उत्साहित हो गया और चलते-चलते एक विशाल भवन में जा पहुंचा। उसे लगा, यहाँ से और भी कुछ अधिक मिलने की सम्भावना हो सकती है।वहां बैठे व्यक्ति से उसने अपनी बात कही। उस आदमी ने उत्तर दिया- यहाँ तो ऐसा कुछ नहीं है जो उपयोग में ना हो। बचा हुआ भोजन घर के जानवरों के इस्तेमाल में लिया जाता है। बहुत ज्यादा ना बचे इसके लिए थोड़ी प्लानिंग की जाती है। बची वस्तुओं से अन्य व्यंजन बना लिए जाते हैं जो बाद में कम आते हैं। लड़के को आश्चर्य हुआ। उसकी यह धरना गलत साबित हुयी की जिसके पास ज्यादा होगा उसके पास बिना काम की वास्तु भी ज्यादा होगी।

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