Tuesday, August 16, 2011

आज़ादी पर्व के अवसर पर मिला देश की युवा पीढ़ी को अनमोल तोहफा,

राजस्थान के कुछ दुर्गम रेगिस्तानी इलाकों में बारह साल बाद जब बरसात हुई तो बारह साल से कम उम्र के बच्चों ने उसे हैरत और कोतुहल से देखा,ठीक इसी तरह १६ अगस्त को देश की युवा पीढ़ी ने इतिहास की वह फिल्म हकीकत में देखी जिसके बारे में वे किताबों में पढ़ते आये थे.जिसमे नायक सड़कों पे होते थे,खलनायक सरकारी किलों में और मसीहा कैद में.

No comments:

Post a Comment

सेज गगन में चाँद की [24]

कुछ झिझकती सकुचाती धरा कोठरी में दबे पाँव घूम कर यहाँ-वहां रखे सामान को देखने लगी। उसकी नज़र सोते हुए नीलाम्बर पर ठहर नहीं पा रही थी। उसके ...

Lokpriy ...