Tuesday, August 2, 2011

कुटिलता हर युग में नाकाम , धूर्त को मिला न कोई मुकाम

एक तालाब के किनारे घने आम के पेड़ पर रहने वाले बन्दर की दोस्ती तालाब में रहने वाले मगर से हो गई. मगर रोज़ दोपहर में धूप खाने किनारे की बालू में आकर लेटता था.उसी समय बन्दर उछल-कूद से थक कर पेड़ पर विश्राम कर रहा होता था. बस, दोनों में परिचय हुआ और दोस्ती हो गई. अब वे रोज़ मिलते. बन्दर पेड़ से मीठे रसीले आम मगर के लिए नीचे गिराता, बदले में मगर भी तालाब की तलहटी से नई-नई चीज़ें बन्दर के लिए लाता. उसे भीतर की हलचल और मछलियों के किस्से सुनाता. बन्दर भी जंगल का अखबार बन कर मगर की जानकारी में रोज़ इजाफा करता. 
दिन कट रहे थे. एक दिन बैठे-बैठे बन्दर ने सोचा- इस मगर की खाल कितनी मोटी और चिकनी है, यदि मैं किसी तरह इसका वध करके इसकी खाल पा लूं, तो सर्दियों के लिए इस से एक शानदार कोट बन सकता है. अब बन्दर इस ताक में रहने लगा ,  उसे इसका मौका मिले. 
आखिर एक दिन बन्दर लम्बी और उबाऊ दोपहर में मगर से बोला- तुम सारा दिन पानी में रहते हो, बदन पर इतनी काई और सीलन रहती है, धूप खाने भी आते हो तो ज़मीन पर रेंगते रहते हो, इस से तुम्हें ऊपर की स्वच्छ और ताज़ा हवा तो कभी मिल ही नहीं पाती.
मगर बोला- बात तो सही है पर मैं कर ही क्या सकता हूँ? 
बन्दर ने कहा- करना क्या है? मैं जो हूँ तुम्हारा दोस्त. मेरी पत्नी बंदरिया और मैं मिल कर तुम्हें खींच लेंगे, कोशिश करोगे तो तुम आराम से ऊपर पेड़ पर आ सकोगे. 
मगर को सुझाव बेहद पसंद आया. वह अगले दिन अपनी पत्नी को भी हवा खाने साथ लाने  की बात कह कर चला गया.
बात बनती देख कर बन्दर का मन बल्लियों उछलने लगा. उसने प्लान बना लिया कि  आम का पेड़ चिकना होने का बहाना करके वह मगर को बबूल के पेड़ पर बुला लेगा. वहां काँटों से बदन छलनी हो जायेगा और मगर ढेर हो जायेगा. 
उधर मगर ने अपनी पत्नी को सारी बात बताई तो वह तुरंत बोली- तुम्हारी तो मति मारी गई है जी, भूल गए, पंचतंत्र के युग में उसने तुम्हें कैसा उल्लू बनाया था? तुम फिर उसकी बातों में आ गए? तुम्हे कुछ पता भी है,बन्दर इंसानों के पूर्वज हैं.खबरदार, जो फिर कभी पानी के किनारे भी गए. 
मगर ने पानी से निकलना छोड़ दिया. निकलता भी तो धूप में आँखें बंद किये पड़ा रहता, ताकि कहीं भूल से भी बन्दर दिख न जाये. 
उधर कई इंसान इसी बात पर शोध कर-कर के डाक्टर बन गए कि कैसा अनोखा जीव है जो पानी में तो आँखें खुली रखता है, बाहर आ कर  बंद कर लेता है.          

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