Saturday, June 4, 2011

जब क्रिस्टीना कंकनाप्पा ने पहने सोफिया लॉरेन के सेंडिल

हमारे धर्म-ग्रंथों में ऐसा उल्लेख मिलता है कि एक बार हनुमान ने सूर्य को निगल लिया था. तब चारों ओर अन्धकार छा गया. अन्धकार छा जाना स्वाभाविक है क्योंकि संसार को उजाला, उष्मा और ऊर्जा देने वाला स्रोत सूर्य ही है. जब सूर्य को निगल लिया गया तो ज़ाहिर है कि विश्व के सभी देश अँधेरे में डूब गए होंगे, क्योंकि सूर्य अकेला विश्व के सभी देशों की शक्ति का स्रोत है. लेकिन विश्व के अन्य देशों के इतिहास में न तो इस अँधेरे का कहीं उल्लेख मिलता है और न ही अस्तित्व . इसी आधार पर हम कह सकते हैं कि हमारी सभ्यता [सूर्य को निगल लेने की भी] सबसे पुरानी है.हमारी सभ्यता आज तक इसीलिए जीवित और टिकाऊ है क्योंकि हमारे धर्म-ग्रंथों में यह बातें सप्रमाण लिखी हुई मौजूद हैं.और हमारा कोई भी अनुसंधान या शोध हमारे धर्म-ग्रंथों को लांघ कर कभी नहीं जाता, कहीं नहीं जाता. यूं हम बीच-बीच में शौकिया तौर पर करेंट अफेयर्स की बातें भी कर लेते हैं. 
तो एक करेंट अफेयर यह है कि कुछ दिनों पूर्व एक काफी पुरानी विश्व-सुंदरी क्रिस्टीना कंकनाप्पा ने एक और अति-पूर्व विश्व- सुंदरी सोफिया लॉरेन के सेंडल पहन कर कैटवाक  किया. इतनी वृद्ध विश्व-सुंदरी के सेंडल अब कोई नए फैशन के तो होंगे नहीं. ज्यादा महंगे भी होने से रहे, क्योंकि महंगाई हमेशा बढती है, घटती नहीं.क्रिस्टीना सोफिया से कई साल छोटी सही, पर अब कोई युवा नहीं होंगी, क्योंकि वे भी अस्सी के दशक की विश्व-सुंदरी हैं. वे क्यों कैटवाक करेंगी? और करेंगी भी तो अपनी खुद की चप्पल पहन कर क्यों नहीं? 
बात समझ में नहीं आती. परन्तु इस पर अविश्वास भी नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह खबर एक अखबार में छपी थी. और तुर्रा ये, कि यह खबर उस अखबार में छपी थी जिसके मुखपृष्ठ पर बड़े-बड़े अक्षरों में छपा था-  भारत का सबसे प्रामाणिक अखबार.कोई झूठी बात भला क्यों छापेगा ?अखबार  के लिए तो जैसी कनिमोझी वैसी क्रिस्टीना.    

3 comments:

  1. kuchh samay se aapko apne blog par n dekh kar main to n jane kya-kya sochne laga tha. mujhe laga, aapko meri koi baat akhar to nahin gayee? aaj rahat mili. mujhe yah bhi yakeen ho gaya ki kabhi sahmati n ho pane ki dasha me aap bahas karenge, chupchap door nahin honge. shubhkamnayen.

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  2. @meri koi baat akhar to nahin gayee?
    आपकी प्रति टिप्पणी आज ही देखी। अच्छा मज़ाक कर लेते हैं आप भी - मेरा मुझ में कुछ नहीं जो कुछ है सो तेरा ...

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