Wednesday, December 9, 2015

"खान" और "कुमार" एक साथ भी हुए हैं !

बॉलीवुड में अशोक कुमार,मनोज कुमार, राजकुमार, राजेंद्र कुमार, किशोर कुमार, अक्षय कुमार का जलवा रहा तो फ़िरोज़ खान, संजय खान, शाहरुख़ खान, आमिर खान, सलमान खान, सैफ अली खान की चमक भी फैलती रही। 
लेकिन जिस शख़्सियत का जन्मदिन देश कल मनाने जा रहा है वह एक ऐसा खान था,जो कुमार बन कर फ़िल्मी-आसमान में छाया रहा। ये बात है दिलीप कुमार अर्थात यूसुफ़ खान की,जो खान भी है और कुमार भी !
दिलीप कुमार स्वभाव से बेहद शर्मीले रहे हैं. यही कारण है कि वे मुस्लिम नायिकाओं [नर्गिस/मधुबाला/मीना कुमारी/वहीदा रहमान/सायरा बानो/मुमताज़ के साथ जितनी सहजता से काम कर लेते थे, हिन्दू परिवार से आई अभिनेत्रियों के साथ अंतरंगता से जुड़ने में झिझकते थे.
ये आश्चर्य ही कहा जायेगा कि लगातार उनके ज़माने में सक्रिय बनी रही अभिनेत्रियों साधना/नंदा/आशा पारेख/बबिता/हेमा मालिनी/जया भादुड़ी आदि के साथ उन्होंने एक भी फिल्म नहीं की.माला सिन्हा के साथ मात्र एक, और शर्मिला टैगोर के साथ भी सिर्फ एक फिल्म,वह भी तब, जब वे नवाब पटौदी से प्रेमविवाह करके आयशा सुल्ताना बन चुकी थीं.नूतन के साथ गिनी-चुनी भूमिकाएं जिनमें भूमिका में ही पर्याप्त दूरी थी.
यहाँ अपवाद सिर्फ वैजयंतीमाला थीं, जिनके साथ उनकी कालजयी सुपरहिट फिल्म "गंगा जमुना"आई. इसके बारे में भी जानकारों को पता है, कि वैजयंतीमाला मद्रास से आने के कारण उत्तर भारत की संस्कृति के लिए उस दौर में नई थीं, और वे भी दिलीप की तरह हिंदी जगत में औपचारिक रहती थीं.
दूसरी तरफ वहीदा रहमान/मीना कुमारी / मधुबाला के साथ दिलीप की जबरदस्त जोड़ी थी.इन तीनों के साथ उन्हें ट्रेजेडी किंग बना देने वाली यादगार भूमिकाएं मिलीं.
सबसे बड़ा अजूबा तो ये, कि जिन सायरा बानो को दर्शक/समीक्षक बड़ी या संजीदा अभिनेत्री तक नहीं मानते थे, उनके साथ "अभिनय सम्राट" की उपाधि से नवाज़े गए दिलीप ने सर्वाधिक फिल्में दीं, और बेहद लोकप्रिय.
चलिए छोड़िये, ये शायद "दिल का मामला" था, सायरा जी उनकी जन्म-जन्मान्तर की जीवन संगिनी जो बनीं.
बहरहाल, हमारी दुआएं हैं कि दिलीप कुमार का यही नहीं, बल्कि १०० वां जन्मदिन भी देश उनके साथ इसी हंसी-ख़ुशी से मनाये.      
 

6 comments:

  1. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (11.12.2015) को " लक्ष्य ही जीवन का प्राण है" (चर्चा -2187) पर लिंक की गयी है कृपया पधारे। वहाँ आपका स्वागत है, सादर धन्यबाद।

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  2. सुन्दर व सार्थक रचना ..
    मेरे ब्लॉग की नई पोस्ट पर आपका स्वागत है...

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