Saturday, December 5, 2015

बुद्धिमत्ता को कोई नहीं भूलता

"द्विअर्थी " साहित्य अकबर के ज़माने से ही लोकप्रिय है।  अकबर-बीरबल के किस्सों में बुद्धिमानी भी होती थी और लतीफ़ापन भी.अब ये दोराहा राजनीति में आता दृष्टिगोचर हो रहा है.
दिल्ली राज्य सरकार ने कोर्ट के कहते ही प्रदूषण की समस्या हल कर दी.सड़क पर दौड़ते वाहनों को आधा-आधा बाँट दिया. तीन दिन ये चलें, तीन दिन वो चलें.
भारत में पूरा तो कभी भी कुछ नहीं हो सकता, लेकिन आधा-आधा हो तो सब हो सकता है. यही हमारी हर समस्या का समाधान है.पूरी तो यहाँ सफाई जैसी चीज़ भी नहीं होती. सरकार साफ करेगी तो हम गन्दा करेंगे, हम विपक्ष हैं.
अगली समस्या है भ्रष्टाचार.
भ्रष्टाचार हटाया तो आधे खुश होंगे कि  काम हो गया , आधे दुखी कि कमाई गयी .
तो सरकार तय कर दे कि सोमवार,बुधवार,शुक्रवार ईमानदारी से काम होंगे, मंगलवार,गुरुवार और शनिवार ले-देकर.
अब  जिनकी कमाई भ्रष्टाचार से है वे भी खुश, और जिनके पास रिश्वत देने को पैसे नहीं हैं वे भी खुश.अपने काम दिन देख कर करवालो.
तो अब सारी योजनाएं अकबर-बीरबल के किस्सों की तरह मशहूर होने वाली हैं.      

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