Monday, December 28, 2015

पीढ़ी अंतराल और बॉलीवुड

पीढ़ियों में अंतर होता ही है।
पिछले दिनों क्रिसमस की धूमधाम के बीच आने वाले नए साल के प्रति स्वागतातुरता और बढ़ी दिखी। समाचारों ने भी अपने-अपने ढंग से, अपने-अपने देखने वालों के बीच जिज्ञासा जगाई।
नयी पीढ़ी को ये देखना भाया कि दीपिका पादुकोण ने सबसे ज़्यादा फॉलोअर्स के साथ आभासी दुनिया की सबसे बड़ी बॉलीवुड हस्ती का मुक़ाम पाया। उनका साथ दिया क्रम से आलिया भट्टऔर प्रियंका चोपड़ा ने। खबर ये भी बनी कि सोनाक्षी सिन्हा बेहद चपलता से सक्रिय रह कर भी टॉप फ़ाइव में जगह नहीं बना सकीं।
उधर पुरानी पीढ़ी को दुनिया के दूसरे पहलू के अहसासों ने भिगो दिया जब उन्हें लव इन शिमला,परख,एक मुसाफिर एक हसीना, वो कौन थी, मेरे मेहबूब,राजकुमार,आरज़ू,वक़्त,मेरा साया,इन्तक़ाम,एक फूल दो माली, दूल्हा-दुल्हन,हमदोनों , मनमौजी,बद्तमीज़,छोटे सरकार,अनीता,अमानत, इश्क़ पर ज़ोर नहीं,दिल दौलत दुनिया,गीता मेरा नाम, आप आये बहार आई,ग़बन,महफ़िल,हम सब चोर हैं, प्रेमपत्र जैसी फिल्मों की नायिका "साधना" के निधन के बाद उनकी शवयात्रा के समाचार देखने पड़े।
साधना से जुड़े कुछ तथ्य जहाँ रोचक हैं, वहीँ आश्चर्यजनक भी।
-१९६० से १९७० के बीच सर्वाधिक हिट फ़िल्में देने वाली इस नायिका को उस समय के सर्वाधिक प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवार्ड के लिए तो कभी नहीं चुना गया, किन्तु फिल्मफेयर की सहयोगी पत्रिका माधुरी ने  दर्शकों की राय से जब "फिल्मजगत के नवरत्न" चुनने का सिलसिला शुरू किया तब पहले ही वर्ष दर्शकों ने राजेश खन्ना को सर्वाधिक लोकप्रिय नायक और साधना को सर्वाधिक लोकप्रिय नायिका चुना।
-मीना कुमारी,वहीदा रहमान,माला सिन्हा, नूतन और वैजयंती माला के कैरियर के उतार के दिनों में सायरा बानो,आशा पारेख, शर्मिला टैगोर,बबिता,नंदा आदि के बीच स्पर्धा साधना के बाद आरम्भ होती थी, अर्थात वे दौर की सबसे सुंदर और सफल अभिनेत्री मानी जाती थीं।
-साधना ने किसी फैशन या प्रचलित परिधान को अंगीकार नहीं किया, बल्कि जो पहना, जिस तरह खुद को पेश किया, वही फैशन बन गया।
-साधना ने अपने कैरियर में न किसी गॉडफादर का सहारा लिया, न अपना झंडा बुलंद रखने के लिए कोई  गॉडएन्ज़िल छोड़ा।
-साधना अपने सबसे अच्छे दिनों में कैमरे के सामने से हट गयीं और ज़िंदगी भर दर्शकों को अपनी उसी छवि के साथ नज़रआने के लिए सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं।
-साधना ने दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन के साथ कोई फिल्म नहीं की।                  
                 

No comments:

Post a Comment

सेज गगन में चाँद की [24]

कुछ झिझकती सकुचाती धरा कोठरी में दबे पाँव घूम कर यहाँ-वहां रखे सामान को देखने लगी। उसकी नज़र सोते हुए नीलाम्बर पर ठहर नहीं पा रही थी। उसके ...

Lokpriy ...