Friday, November 27, 2015

युद्ध स्तर पर लड़ने की ज़रूरत है इस से

भारत की आज सबसे बड़ी समस्या शायद जनसंख्या का दबाव ही है। हम अपने सवा अरब देशवासियों पर बेशक गर्व करना न छोड़ें, किन्तु ये बात भी न भूलें कि  -
१. हमारी अधिकांश महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बेतहाशा बढ़ते जनसंख्या दबाव के चलते संकट में पड़ जाती हैं।
२. विशाल जनसंख्या में एक बड़ा हिस्सा अनुत्पादक जनसंख्या का है, जो अर्थव्यवस्था पर भार की तरह है।
३. यदि हम "जनसंख्या किस्म" की बात करें तो इसमें निरंतर ह्रास हो रहा है क्योंकि वे लोग ही तेज़ी से बढ़ रहे हैं जो शिक्षा या प्रचार के दायरे में नहीं आ पाते।
४. संख्या नियंत्रण के लिए कुछ कड़े फैसले लिए बिना काम नहीं चलता,और कोई भी ऐसा फैसला विविध-सोच वाले देश में आसान नहीं होता।
५. यह सच है कि बेहद व्यापक हो चुकी "नशाखोरी" ने हमारी जनसंख्या के बड़े हिस्से को नाकारा बना छोड़ा है।
 ६.तथाकथित असहिष्णुता भी भीड़ की एक प्रवृत्ति है, और हर जगह, हर बात में भीड़ होना, जनसंख्या की ही देन है।     
७. हम बाहर से हमारे पास आये लोगों को अपना नहीं समझ पाते इससे वे हमारे पास तो हैं, पर हमारी मानसिक आयोजना में शामिल नहीं हैं।       

2 comments:

  1. 8. देश में प्रशासन व्यवस्था का पूर्णाभाव है।
    9. एक बड़ा वर्ग बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूल आवश्यकताओं से वंचित है

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  2. aapne sahi joda, ye soochi vistar ki kafi gunzaish rakhtee hai.

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