Friday, March 4, 2016

कुछ देर से

मनोज कुमार को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिलना अच्छी बात है, वे इसके हक़दार भी हैं। बल्कि कुछ जानकारों का तो यहाँ तक मानना है कि उन्हें यह पुरस्कार कुछ देर से मिल रहा है, वस्तुतः देखा जाये तो शशि कपूर से पहले वे इसके अधिकारी थे।  
यदि उनके लम्बे फ़िल्मी कैरियर की तुलना शशि कपूर के फ़िल्मी सफर से की जाये तो सफल और सोद्देश्य फिल्मों की दृष्टि से वे शशि कपूर से इक्कीस ही साबित होते हैं।  
कहा जाता है कि हर सफल पुरुष के पीछे किसी महिला का हाथ होता है। ये बात यहाँ सौ प्रतिशत लागू होती है।शशि की पत्नी जेनिफर स्वयं एक बेहद सुलझी हुई अभिनेत्री थीं। वे फिल्म निर्मात्री भी थीं। उनके साथ शशि को अपने मूल्यांकन के जो अवसर सुलभ हुए वे घरेलू महिला शशि गोस्वामी से मनोज कुमार को उपलब्ध नहीं हुए।   यदि दोनों की फ़िल्मी महिलाओं की बात करें तो मनोज की जोड़ी नंदा, साधना, माला सिन्हा,आशा पारेख,सायरा बानो के साथ रही जो सभी काम से काम रखने वाली अभिनेत्रियां थीं।  उनकी व्यावसायिक सफलताओं, पुरस्कारों, अंतराष्ट्रीय पहचान या मार्केटिंग प्रमोशन आदि में कतई रूचि नहीं थी। इसके उलट शशि की जोड़ी शर्मिला टैगोर,रेखा, हेमा मालिनी,बबिता आदि के साथ रही जो परदे के अलावा भी एकाधिक कारणों से चर्चित अभिनेत्रियां थीं।  
बहरहाल गुमनाम, वो कौन थी, हिमालय की गोद में, दो बदन,पूनम की रात,आई मिलन की बेला,हरियाली और रास्ता के समय मनोज फ़िल्मी परदे के सबसे खूबसूरत नौजवानों में शुमार थे।  बाद में पूरब पश्चिम, उपकार, शोर, क्रांति, रोटी कपड़ा  और मकान आदि से उन्होंने उद्देश्यपरक फ़िल्मकार होने का संकेत दिया। किन्तु सच यह भी है कि क्लर्क जैसी फिल्मों तक आते-आते मनोज आत्ममुग्धता के शिकार कहे जाने लगे और अपने समकालीनों से अलग-थलग पड़ने लगे।  उनके परिवार के अन्य युवकों -उनके भाई तथा पुत्र के फिल्मों में सफल न होने का असर उनकी अपनी लोकप्रियता पर भी पड़ा। 
दादा साहेब फाल्के जैसे गरिमापूर्ण सर्वोच्च सम्मान के लिए वे किसी भी दृष्टि से हल्का चयन नहीं हैं।  उन्हें हार्दिक बधाई।               

5 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, " देशद्रोह का पूर्वाग्रह? " , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  2. Namaskar sir. Mujhe kuch pustake aapki bahut pasand hai. Kya wo market me mil sakti hai.

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    1. Dhanyawad, aap batayen kaunsee, kai to amazon par hain.

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  3. Namaskar sir. Mujhe kuch pustake aapki bahut pasand hai. Kya wo market me mil sakti hai.

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