Friday, May 23, 2014

खाने के दाँत , दिखाने के दाँत , भींचने के दाँत , पीसने के दाँत

खींच रहे थे हाथी दादा
बाँध पूंछ में इंजन एक
इंजन में भरकर लाए थे
नया दन्त-मंजन वो एक

शेरू बोला- टूथपेस्ट की
क्या दुकान खोलोगे आप
इतना सारा मंजन, दादा
कहाँ काम में लोगे बाप?

बोले दादा- तुझको दिखते
फ़क़त दिखाने वाले दाँत
मुंह में ढेरों और कई हैं
मेरे खाने वाले दाँत।    

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