Friday, February 4, 2011

शेयर खाता खोल सजनियाँ 12

माना जीवन में आवश्यक ,करना थोड़ा धरम-करम है
पर ये धंधा भी तो भैया देखो कितना गरम-गरम है
धर्मो-करम समझ कर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
सब्जी-मंडी होती प्यारी पर मछली-बाज़ार निराला
मार्केट तो ढेरों होते,पर शेयर बाज़ार निराला
इस मंडी में घुस कर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
एक था राजा एक थी रानी दोनों मर गए ख़तम कहानी
शेयर की नैया जब तैरे नदिया कभी न सूखे पानी
शाश्वत कथा-ए-शेयर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
जैसे महंगाई बढती है चढ़ती गुड्डी आसमान पर
शेयर भी ऐसे चढ़ता है जैसे लोटन चढ़े कबूतर
सोना-मस्त-कबूतर लेना, जैसे भी हो शेयर लेना।

शेयर खाता खोल सजनियाँ 11

इनकम तेरी अगर बढ़ी तो आ जायेंगे कर अधिकारी
रेशम पर खादी धर लेना कहलायेगा तू सुविचारी
भाषण खूब पिलाकर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
अबके फागुन में बीबी के गाल अबीर-गुलाल लगाना
सच्ची उस से प्रीत निभाकर उसके नाम पे माल लगाना
शेयर है ये जेवर लेना, जैसे भी हो शेयर लेना।
बीमा का कीमा बन जाता माल तिजोरी में गल जाता
लेकिन शेयर में जो डाला सात पीढ़ियों को फल जाता
है ये बात बराबर लेना, जैसे भी हो शेयर लेना।
जीवन साथी जिसे बनाया उसको लेदो भैया शेयर
फिर देखो कैसी खिल जाती कर के देखो शैया शेयर
हनीमून से तेवर लेना, जैसे भी हो शेयर लेना।

शेयर खाता खोल सजनियाँ 10

दुनियां तो आनी-जानी है, माया-ममता सब फानी है
बोनस शेयर अगर मिला तो जीवन नैया तर जानी है
चाहे नाम डुबोकर लेना, जैसे भी हो शेयर लेना।
पब्लिक इशू कराके ओपन गुड की भेली बनी कंपनी
दौड़ रही मक्खी सी पब्लिक करके सबकी सुनी-अनसुनी
तू भी टांग अड़ाकर लेना, जैसे भी हो शेयर लेना।
रिश्ते में जैसे हो साली होंठों पे जैसे हो लाली
बस वैसे ही इस धंधे में माल-हलाल कमाल-दलाली
दे साली को लेकर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
बेकारों को कार मिलेगी सड़क-छाप कोठी पा जाएँ
शेयर की अनुकम्पा हो तो भूखे भी रोटी पा जाएँ
भूखे लेना खाकर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।

Thursday, February 3, 2011

शेयर खाता खोल सजनियाँ 9

पक्षी मोर हमारा प्यारा राजनीति ही राष्ट्रधर्म है
शेर हमारा राष्ट्र-जानवर शेयर अपना राष्ट्र-कर्म है
राष्ट्र-कर्म में शेयर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।
एक साल में एक दिवाली एक दिवस होली का आता
पर हर रोज़ दिवाली होती,अगर हाथ में शेयर आता
खुली लाटरी जाकर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
जोड़-तोड़ में तुम लग जाओ जब भी पाओ लेलो इसको
ये नायाब सभी होते हैं, टाटा-बिरला-बाटा -टिस्को
फारम फ़ौरन भर कर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
लक्ष्मी-मैया के साये में तेजड़िया सी तेज़ी आये
बिन शेयर कोई ना पूछे मंदड़िया सी सुस्ती छाये
सपने सात संजो कर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।

Wednesday, February 2, 2011

शेयरखाता खोल सजनियाँ 8

इस युग में जो शेयर पाता उसके होते साथी-संगी
वो ही कहलाता है जग में महावीर विक्रम बजरंगी
शेयर सुख है रेयर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।
चाहे ना हों मुल्ला-काजी हो निकाह हो सकती शादी
शेयर हीन मिले जो शौहर तो बीबी की है बर्बादी
शेयर में ही मेहर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।
ख़ास हिफाज़त इसकी करना,जीवन हो जाता है कारा
पेंट फटे तो सिल जाती है शेयर फटे लुटे जग सारा
जीवन में ये केयर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।
सरकारों की मजबूती से भला कभी भी क्या पाओगे
शेयर की मजबूती देती मज़ा,इसी के गुण गाओगे
छक्के खूब छुड़ाकर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।

शेयर खाता खोल सजनियाँ 7

घर बैठा आराम नमामी आया दफ्तर काम नमामी
पर शेयर बाज़ार जो आया, दाम नमामि -नमामि-नमामी
पूरा शीश झुकाकर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
जियरा धक्-धक् करे निगोड़ा, ज्यों-ज्यों भाव बताता टीवी
ज्यों-ज्यों चढ़ता जाता शेयर, त्यों-त्यों पाँव दबाती बीबी
होवे प्रेम अफेयर लेना, जैसे भी हो शेयर लेना।
देखा अजब अजूबा ऐसा, राव-रंक सब फेंके पैसा
लपके जिसको मिले धरोहर,क्यों सखि ईश्वर ना सखि शेयर
इस युग का ये ईश्वर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।
शेयर हो सेवा करती है, रखैल हो चाहे पटरानी
भरा समंदर गोपी चंदर बोल मछरिया कितना पानी
पानी भरा सरोवर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।

शेयर खाता खोल सजनियाँ 6

चाहे बेटे को निज हाथों पड़े फूंकना चूल्हा-चौका
काली मोटी बहू मिले पर ब्लू-चिप वाला मैका
रोज़ हवाला तू कर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
राम न जाते कैसे होता रावणवध का महा अफेयर
केकैई ना राजपाट में अगर भरत का लेती शेयर
करना कहीं अफेयर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।
पटना कलकत्ता में चाहे मुंबई दिल्ली में चुन लेना
तीनों लोकों किसी भाव भी पर कोई शेयर तुम लेना
गिरवी रखना जेवर लेना,जैसे भी हो शेयर लेना।
बकरे से बोटी पाओगे झटका चाहे करो हलाली
शेयर से रोटी पाओगे फ्रॉड करो या करो दलाली
किसी बड़े का फेवर लेना जैसे भी हो शेयर लेना।

शोध

आपको क्या लगता है? शोध शुरू करके उसे लगातार झटपट पूरी कर देने पर नतीजे ज़्यादा प्रामाणिक आते हैं या फिर उसे रुक- रुक कर बरसों तक चलाने पर ही...

Lokpriy ...